राजनीति के सागर में सहसा ही एक लहर पैदा हो गई है.जिसका नाम है राहुल गांधी|कांग्रेस का इतिहास लिखने वाले अपने पन्नो में यह दर्ज करेंगे कि 2004 की बेरहम गर्मियों के दौरान गांधी परिवार का यह उत्तराधिकारी अन्ततः कांग्रेस की राजनीतिक झंझावतों की छाया से बाहर निकाल लाया| कांग्रेस के स्टार प्रचारक बनकर उभरे राहुल गांधी पहली बार 34 वर्ष की उम्र में सांसद बने। पिता की तरह पार्टी के महासचिव के रुप में युवक संगठनों का प्रभार संभाला।

2009 के लोक सभा चुनावों में कांग्रेस की बड़ी जीत में उनका बहुत बड़ा योगदान था|राजनीति में उनकी सूझ- बूझ और दूरदर्शितापूर्ण निर्णय शक्ति से प्रभावित होकर देश का युवा वर्ग का झुकाव 2009 के लोक सभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की तरफ दिखा|यह राहुल गांधी का ही करिश्मा था कि 2004 के लोक सभा चुनावों में यूपी में जो कांग्रेस पार्टी मात्र 9 सीटें लेकर मृतप्रायः हो चुकी थी उसमें उन्होंने एक नई जान डाल दी|उनके अथक प्रयासों से सन 2009 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को यूपी में 80 लोक सभा सीटों में से 21 सीटें मिली|

उनके द्वारा पार्टी को मजबूत बनाने के लिए मनमोहन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद को ठुकरा दिया|राहुल गांधी का विचार है कि एक व्यक्ति को केवल एक ही पद पर रहना चाहिए जिससे वह उस पद की गरिमा को बनाये रख सके और अपने कर्तव्य का पूर्ण रूप से पालन कर सके|इसलिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने कैबिनेट में शामिल होने की जगह संगठन में रहकर ही काम करने का फैसला किया.

राहुल गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे देश की विभाजनकारी राजनीति के समर्थन में बिल्कुल नहीं हैं, वे उसकी निंदा करते हैं, और कहा कि वे देश में एकजुट होकर काम करने और जाति, धर्म के मुद्दों को जल्द से जल्द दूर करने के लिए काम करेंगे।

डॉ मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली संप्रग सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना(नारेगा)को लाया गया था|इस योजना के अंतर्गत किसी भी ग्रामीण परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को साल में न्यूनतम 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी|यह योजना पहले देश के 200 जिलों में लागू की गई किंतु अप्रैल 2008 में राहुल गांधी के ज़ोर देने पर यह योजना पूरे देश में लागू कर दी गई|राहुल गांधी का तर्क है कि देश के गरीबों के उत्थान के लिए इस तरह की और जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू करनी चाहिए|उनकी दूरदर्शिता की छाप इस बात से भी दृष्टिगत होती है कि वह गरीबों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ दलालों के माध्यम की जगह सीधे उन्हें मिले।

राहुल गांधी अब 2019 के आम चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं|वे देश के किसान की परेशानी,गरीबी, लोकपाल बिल,महिला सशक्तिकरण आदि से जुड़े मुद्दों में आये दिन अपनी राय देते रहते हैं और देश की जनता का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते रहते हैं।

“जिसकी शख्शियत बेमिसाल है,

बेबाकी से रखता अपनी हर बात है,
उस राहुल गांधी को मेरा दिल से सलाम है,
क्योंकि वो ही राजनीति का असली सुपरस्टार है।”

Article is Authored by Purnima @PurnimaRG

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