1885 में जन्मी थी में  उस दौर में जब प्रत्येक हिंदुस्तानी लब और लफ्जो पे ताले पड़े थे ,

मेने तब बढ़ना प्रारम्भ किया था जब मेरे मुल्क के हाथ पेर जंजीरों से बांधे जा रहे थे !!

जी हां में गुलाम भारत में  जन्मी ,पली ,बढ़ी भी और और उस परतन्त्रता के खिलाफ लड़ी भी ,

मेंरा अक्स ,मेरा साया ,मेरी परछाई तक में भारत के एक युग का चित्र खींच आया हे !

में कांग्रेस हु , में ही  हु वो जिसने सबसे पहले हताश ,बेजबान वतन को आवाज़ दी ,

में ही थी वो जिसने इस परतंत्र भारत में धर्म ,राज्य का भेद मिटाकर राष्ट्प्रेम की ज्योत जगाई !

मेने देशवासियों के झुकते सरो को  ,दबते स्वरों को पहचान दी , ताकत दी ,

में अकेले निकल पड़ी थी उस पथरीली और कंटीली जमीन पर मेरे वतन को बचाने व नये सिरे से बनाने!

में कांग्रेस हु , इतिहास का हर भयावह जुल्म झेला हे मेने ,मेरे माथे पे आज भी उस दोर के जख्म चिन्हित हे !

व्योमेश चन्द्र बेनर्जी से लेकर आज़ाद भारत के गांधी ,नेहरु ,पटेल तक सबको मेने माध्यम दिया ,

सबका साथ निभाया ,

में कांग्रेस हु मेने इस माटी का हर एहसान चुकाया !

गांधी के उपवास से ,नेहरु के साहस तक ,

आज़ाद ,सुभाष की हिंसा से लेकर गांधी ,पटेल की अहिंसात्मक सोच मुझी से निकली हे ,

लाल बाल पाल भी मुझसे अलग होकर भी कभी मुझसे बिछड़ नही पाए !

दांडी यात्रा में मीलो में चली थी ,

असहयोग आन्दोलन में पूर्ण सहयोग मेने किया था , आज़ादी के यज्ञ में सभी आन्दोलनो की डोर थी में ,

गांधी की ,नेहरु की सोच की भोर थी में ,

जब पूर्ण स्वराज्य का नारा बुलंद हुआ तो उसकी बुलंदी और चश्मदीद में थी !

तिरंगा देश को मेने दिया ,

अंग्रेजो को “भारत छोडो” की ललकार देने वाली कांग्रेस हु में ,

में भारत का संघर्षशील इतिहास हु ,

बहुत कुछ झेला हे मेने ,बहुत कुछ सहा हे मेने ,।

मेरी पीठ में कई बार प्रहार किये गये हे ,

मुझे बदनाम करने के भी प्रयास अनवरत जारी हे ,

मेने देश की आज़ादी को पंख दिए और देश ने मुझे पंख देकर उड़ने का होंसला दिया ,

लगातार साठ वर्षो तक देश के साथ चलती रही में ,और देश भी साथ चलता रहा मेरे !

में डीएनए में बस चुकी हु अब भारतीयों के ,और भारतीय मेरे ह्रदय में ,नस नस में समा चुके हे !

में कांग्रेस हु , किसी की माँ हु ,किसी की बहन हु ,किसी की साथी हु तो किसी का जमीर हु !

में कांग्रेस हु ,में ही भारतीयता हु ,में ही सामाजिकता हु ,

जी हां में कांग्रेस हु —

“भारतीय राजनीति में गेस्ट अपीयरेंस कोई भी दे परमानेंट हीरो तो हमेशा में ही रही हु” ,

मेने इस मुल्क का हर स्थति में साथ दिया हे ,

तिरंगे के बिना मेरी कोई पहचान भी  नही हे ,

अधूरी हु हिंदुस्तान के बिना में ,और निर्जीव हे मेरे बगेर ये अनवरत विकास की और अग्रसर भारत !

जब घर में कुछ नही था तब भी घर मेने चलाया आज घर में सब कुछ हे तो भी लोग मुझे कोसते हे ,लेकिन उनको कोसने का अधिकार भी मेने ही दिया हे , लोकतंत्र की नीव मेने डाली क्युकी में नेहरु के साथ चली थी !!

मेने सबको चाहा ,सराहा ,लेकिन आज में ही हाशिये पे डाल दी गयी हु ,

मेरे ही लोग मुझ पर,मेरे त्याग पर ,मेरे अतीत पर प्रश्न करने लगे हे , टूटी तो हु पर हारी नही हु ,क्युकी मेरे साथी ,मेरे राही मुझे हारने नही देते ,

में भारत की फिजाओं में , सदाओ में,ललकारो में , हमेशा थी और रहूंगी !

जी हाँ में कांग्रेस हु —

yasH by @yashindians 

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