The past week has seen the judiciary restore the faith of people again in Law as three watershed judgements have been pronounced. The first is the Supreme court’s ruling in favour of Muslim women when it announced a ban...
The Lok Sabha on 16th March passed the Aadhar Bill, in a smooth manner by introducing it as a money bill. While introducing the bill amidst opposition in Lok Sabha, Arun Jaitley explained the intent and nature of the...
By Sadhavi Khosla एक बार अपने आस पास देखे, निष्पक्ष दृष्टि से देखे, और सोचे कि पिछले कुछ वर्षों में हमार देश कहा जा रहा है, क्या देश सच मे विकास कर रहा है और आगे बढ़ रहा है या...
The most touching love story I have ever heard of is an Italian girl who ultimately became the Bahu of India & fighting for the dignity of the country till date. one of Shakespeare 's heroin said to her...
  भारतीय लोकतान्त्रिक इतिहास में 2014 का चुनाव भारतीय सामाजिक राजनितिक ऐतिहासिक घटना है। इस घटना को विशुद्ध राजनैतिक घटना और कहना की जनता कांग्रेस पर लगे आरोपो और उसकी कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर भाजपा को पूर्ण बहुमत दे दिया गलत...
अपना देश भी कितना अदभुत है? एक तरफ भाजपा की कार्यकारिणी अपने अधिवेशन में नरेंद्र मोदी को नोटबंदी पर हार्दिक बधाई दे रही है और दूसरी तरफ भारत के प्रमुख सांख्यशास्त्री देश की आर्थिक दुर्दशा पर आंसू बहा रहे...
विविधता में एकता वाले इस देश में मुसलमानों के साथ किस तरह पेश आया जाए? मुसलमानों से मोहब्बत करें या नफरत? समाज में विद्वेष बढ़ाने वाला इतना घटिया सवाल आखिर पूछने की नौबत क्यों आ रही है? इस तरह...
Legislature, executive and judiciary are the three pillars of democracy while media is considered the fourth pillar of democracy. Media is expected to be totally unbiased and report impartially, all political and social events of importance. However nowadays journalists...
लोकतंत्र में विचारधारा के भिन्न भिन्न मत हो सकते हैं । इन्ही के  आसपास लोकतंत्र और देश की परम्पराओं का ताना बाना हैं । बुलंदशहर की घटनाओं पर भाजपा के नेता अस्म्वेदनशीलता के साथ जहाँ राजनीती करते नज़र  आये...

Vadra on Demonetisation

"Never ending queues outside banks and ATM, did so many people have to suffer so much, lose their livelihoods and even their lives to satisfy the imaginary objectives of one man's ego??? -