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बनारस की सडको पर आज सुबह से काफी हलचल नज़र आ रही थी ।मीडिया के बड़े बड़े कैमरे और अपने तीन चार लोगो के साथ सडको के चौराहों बनारस के एअरपोर्ट तक जमावड़ा था । बनारस के तंग गलियों में बसे एक मोहल्ले में आज दो लोग उत्साह से भरे नज़र आ रहे थे । सुबह से अपने मोहल्ले के युवाओं को गाँधी जी और नेहरूजी से ले कर इंदिराजी और राजीव जी के जमाने की कहानिया उनको सुना रहे थे । जुम्मन चाचा हमेशा से नियम था रोज शाम को अपने दोस्त श्याम प्रसाद मिश्राजी के पास उनका बैठना उठना और अपने पुराने जमाने की बात करना जैसे उनका नियम था । वो आज भी अपनी चौपाल नहीं भूले थे सुख दुःख में एक दुसरे के साथ हमेशा से खड़े दो पुराने अज़ीज़ दोस्त । पचपन की उम्र में आज भी जुम्मन चाचा और मिश्राजी मोहल्ले में आदर की द्रष्टी से देखे जाते थे ।उनकी दोस्ती तब  भी नहीं टूटी थे जब राममंदिर आन्दोलन के नाम पर मजहबी दीवारे बहुतो के बीच खडी हो गयी थी। दोनों खासे उत्साह से भर गये थे जब से वो राहुलजी गाँधी के “उदघोष  “ रेली से वापिस आये थे ।  सत्ताईस साल से क्षुब्द हो कभी मतदान  केंद्र तक नहीं गए थे । क्यों ? ये पूछने पर कभी उन्होंने किसी को बताया नहीं। भले ही उनके नाम का वोट किसी और ने डाल दिया हो । आज दो अगस्त को अपने संदूक में रखे गांधी टोपी और कुरते धोती को पहने दोनों दोस्त युवाओं को साथ चलने के लिए प्रेरित कर रहे थे ।सोनिया जी के  रोड शो की तैयारी में जुटे थे । अपने उसी युवा जोश के साथ जिस जोश के साथ वो तीस साल पहले कांग्रेस के लिए सक्रीय नजर आते थे ।

सोनियाजी के एयर पोर्ट पहुचते ही एन.एस.यू.आई के छात्रो का जमावड़ा अपनी मोटर साइकिलो के साथ लगा था लगभग सात हज़ार वाइको पर चौदह हज़ार कार्यकर्ता उतने ही अपने अपने वाहनों से । सोनियाजी के बनारस उतारते ही वातावरण में नारों का कोलाहल गूँज उठा था । कार्यकर्ताओं का जूनून अपने उत्कर्ष पर था जो मीडिया के कैमरों के सामने  आते  ही और उत्साह से भर कर नारेवाज़ी करने लगता ।उत्तर प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता भीड़ देख कर विस्मित हो गए थे । रोड शो में सड़क के दोनों और जुटी भारी भीड़ सोनियाजी को देखने की ललक में उन्हें छू कर देखने को लालायित हो गयी थी । कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं के घेरे में चल रही सोनिया गाँधी बीमार होने के बाद भी भीड़ की दीवानगी देख कर अपनी गाडी से बाहर निकल सबका अभिवादन कर रही थी । उत्तर प्रदेश के बड़े नेता चाहे वो राजबब्बर हो या प्रमोद तिवारी ,संजय सिंह हो या शीला दीक्षित भीड़ को देख कर रोमांचित थे । तब दूसरी तरफ मीडिया के पत्रकार भोचक्के !

बनारस के कांग्रेस नेता अजय राय तो आज युवाओं की तरह जोश में पार्टी का झंडा उठाये अपने दल बल के साथ मोटर-साइकिल पर बैठ कर रेली में कांग्रेस के नारों को पुरजोर आवाज़ में बुलंद कर रहे थे । कांग्रेस का तूफ़ान और जनता आपने आक्रोश के साथ  केंद्र सरकार और राज्य सरकार  के विरुद्ध लामबंद हो रही थी ।

रैली के दौरान   अमबेडकर जी की मूर्ती पर अपना नमन करने के बाद अचानक सोनियाजी थोड़ी कमजोरी महसूस कर रही थी । रोड शो और जनता का जोश जारी था पांच किलोमीटर तक जैसे जाम की स्थति उत्पन्न हो गयी थी । अचानक सोनियाजी को आँखों में अन्धेरा छाने लगा शरीर पसीने से लथपथ ,आनन् फानन में चिकत्सीय सहायता काफिले में चल रही एम्बुलेंस के चिकत्सको को बुलाया गया । ब्लड प्रेशर लो था शरीर भी तप रहा था । चिकत्सको ने उन्हें भर्ती  होने की सलाह दी । एक कसक सोनियाजी के चेहरे पर थी ,लेकिन शरीर जबाब दे रहा था । रोड शो बीच में छोड़ कर वापिस एअरपोर्ट आना पडा और वहाँ से अपने चाटर्ड प्लेन से दिल्ली । जहाँ आर्मी अस्पताल में कल से भर्ती हैं । उपचार चल रहा हैं और साथ बैठा हुआ उनके साथ एक बेटा  माथे पर कुछ शिकन  लिए ?

सोनियाजी को काशी विश्वनाथ के दर्शन का मलाल था की उनके दर्शन वो न कर पाई लेकिन उन्होंने द्वारा आने की अपनी इच्छा को कार्यकर्ताओं के साथ  सांझा किया .।

“भोले बाबा में आउंगी ज़रूर “

डा.मनोज कुमार  शर्मा

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indian national congress social media activist लेखक कवि सामाजिक चिंतक