जैसा पूर्वानुमान था ठीक वैसे  ही तेवर सुनियोजित तरीके से ,शिवपाल यादव ने दिखा दिए । उन्होंने साफ़ कर दिया की उनके उम्मीदवार जिनके टिकट काटे गए वो छोटे छोटे दलों से कांग्रेस के विरोध में चुनाव लड रहे हैं । यू पी के अच्छे लडको का गठबंधन उनको फूटी आँख नहीं सुहा रहा । उन्होंने कांग्रेस के लिए ये भी कह डाला की कांग्रेस की हैसियत यू पी में चार सीटो की नहीं ।

मुलायम सिंहजी कल संसद भवन में पत्रकारों के सवालों के ज़बाब देने से बचते नज़र आये तब दूसरी और शिवपाल यादव ने अपना नामांकन भरते समय एक जनसमूह को संबोधित करते हुए ये बाते कही ।

एक महत्त्व पूर्ण घटना और हुई लखनऊ में जो सीट कांग्रेस के हिस्से में आयी उस पर सपा के पूर्व उम्मीदवार ने भी अपना नामांकन भर दिया और कांग्रेस के विरोध में ताल ठोंक दी ।

इस तरह की हरकतों से शिवपाल एक तरह से भाजपा की सहायता करते नज़र आ रहे हैं ये साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा हैं । अभी तक ये लग रहा था की शायद कहीं न कहीं अखिलेश यादव जी ने कुछ ज्यादा कर दिया लेकिन  शिवपाल जी के अलग पार्टी बनाने के फैसले ने उनकी राजनैतिक मह्त्वाकक्षा को जग ज़ाहिर कर दिया हैं ।

Comments

SHARE
indian national congress social media activist लेखक कवि सामाजिक चिंतक