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लोकतंत्र में विचारधारा के भिन्न भिन्न मत हो सकते हैं । इन्ही के  आसपास लोकतंत्र और देश की परम्पराओं का ताना बाना हैं । बुलंदशहर की घटनाओं पर भाजपा के नेता अस्म्वेदनशीलता के साथ जहाँ राजनीती करते नज़र  आये । तब दूसरी तरफ सपा सरकार के मंत्री शर्मनाक ढ़ंग से इस घटना का राजनैतिकरण करने में कहाँ  पीछे रहने वाले थे ?

सपा के मंत्री “आजम खान “ ने इस घटना को शर्मनाक ढंग से राजनैतिक  साजिश बता डाला । भाजपा कहाँ मानने वाली थी उसके प्रवक्ता मीडिया पर बलात्कारो की घटना का सिलसिलेवार विवरण ऐसे करते नजर  आये जैसे की उत्तर प्रदेश की गौरव  गाथा गा रहे हो । भाजपा हो या सपा ,और यहाँ तक बसपा भी पीछे रहेने वालो में कहाँ हैं । संवेदन शून्यता नेताओं का धर्म हो गई  हैं ,लगता हैं “सत्ता बेलगाम  हो  गयी हैं  ।

जब माहौल  गरमाया हो ।तब भाजपा जो संस्कारों और महिला अधिकारों की बात सीना  ठोंक के करने का दावा  करती हैं । भाजपा के ही एक नेता ने फेसबुक पर  लिखा की “आज़म खान  की माँ ,बहन के साथ  रेप होता तब उन्हें पता चलता “। अभी कुछ दिन पहले की ही तो बात हैं इन्ही भाजपा नेताओं ने किस तरह मायावती के बारे में अभद्र टिप्पणी की थी ।

उसके बाद  नसीमुद्दीन ने भी उनके परिवार की महिलाओं के टिप्पड़ी की थी । तब भाजपा “बेटी के सम्मान “ का गाना और ढपली बजा रही थी  । सियासत करें नेता और अपमानित हो परिवार  की महिलाए ?

ये कौन सी मानसिकता और ओछेपन  की राजनीती ने जन्म  ले लिया हैं ?

अब किसी भी दल के नेता हो कम से कम व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादाओं का तो ध्यान रखे । वैसे देश के प्रधानमंत्री खुद ही डी .एन ए और पता नहीं कितने करोड़ की गर्ल फ्रेंड जैसे शब्द इस्तेमाल  कर  चुके हैं तब और नेताओं से  शालीनता की आशा करना बेमानी ?

भाजपा शासित हरियाणा के “गुरुजाम “ अरे माफ   कीजियेगा “..,गुरुग्राम”  ,..में भी कल बीती रात गेंग  रेप हुआ हैं भाजपा उस महिला के सम्मान में कब  खडी हो रही हैं ? कल बीते दिन  भाजपा शासित कई राज्यों से बलात्कार की घटनाएं हुई हैं उस पर भाजपा का क्या जबाब  हैं । ये पूरा देश  इस सरकार से जानना चाहता हैं ।

डा.मनोज कुमार शर्मा

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indian national congress social media activist लेखक कवि सामाजिक चिंतक